लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून का असर अब कमजोर पड़ने लगा है। शनिवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना नहीं है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। मध्य प्रदेश से सटे उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी बारिश के आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में रविवार तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश थमने के साथ ही उमसभरी गर्मी एक बार फिर लोगों को परेशान कर सकती है।
पश्चिमी यूपी में बारिश कमजोर, कहीं-कहीं होगी बौछार
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों सक्रिय रहा बारिश का दौर अब कमजोर होने लगा है। शनिवार से प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि पश्चिमी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में शनिवार को बारिश के आसार नहीं हैं। वहीं, दक्षिणी हिस्सों और मध्य प्रदेश की सीमा से लगे कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रह सकता है।
मेरठ में शुक्रवार को रुक-रुककर हुई बारिश
शुक्रवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। गुरुवार रात मेरठ में 23.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। शुक्रवार सुबह और दोपहर में भी बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार शाम 5:30 बजे तक मेरठ में 18.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
अगस्त के शुरुआती सात दिनों में मेरठ में कुल 123.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी है। यह पूरे अगस्त में होने वाली बारिश की लगभग आधी मात्रा है। शुक्रवार को मेरठ में अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 रहा, जो अच्छी श्रेणी में है।
लखनऊ में बूंदाबांदी के आसार
राजधानी लखनऊ में शनिवार को बारिश की संभावना कम है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती है। प्रदेश के कई जिलों में रविवार तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
शुक्रवार दोपहर कुछ देर हुई तेज बारिश से लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिली, लेकिन बारिश रुकने के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से दोबारा गर्मी और उमस महसूस होने लगी।
90 फीसदी तक पहुंच सकती है नमी
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में मानसून अभी सक्रिय रहेगा, लेकिन इसकी गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। ऐसे में कई इलाकों में छिटपुट बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है।
बारिश और तेज धूप के बीच वातावरण में नमी की मात्रा 90 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इससे उमस बढ़ेगी और लोगों को गर्मी का ज्यादा एहसास होगा। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बारिश से किसानों के चेहरे खिले, सड़कों पर जलभराव से परेशानी
पिछले दो दिनों से हुई बारिश ने उमसभरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत दी है। धान की रोपाई कर चुके और रोपाई की तैयारी कर रहे किसानों के लिए भी बारिश राहत लेकर आई है। खेतों में पानी मिलने से धान की खेती को फायदा होने की उम्मीद है।
हालांकि बारिश के बाद जर्जर सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भरने से राहगीरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई जगह जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
